अब UPI और ATM से निकाल
भारत के नौकरीपेशा वर्ग के लिए आज का दिन एक डिजिटल क्रांति की शुरुआत है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने आधिकारिक तौर पर EPFO 3.0 की घोषणा कर दी है। इस नई व्यवस्था के तहत अब करोड़ों पीएफ अंशधारक अपनी जमा पूंजी को UPI और एटीएम (ATM) के जरिए सीधे निकाल सकेंगे। अब पीएफ का पैसा निकालने के लिए महीनों का इंतजार नहीं करना होगा, बल्कि यह सुविधा ‘इंस्टेंट मनी’ की तरह काम करेगी।
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य पीएफ निकासी की प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित बनाना है। उन्होंने बताया कि अब कर्मचारियों को अपने ही पैसे के लिए जटिल प्रक्रियाओं से नहीं गुजरना पड़ेगा।
UPI और एटीएम: पीएफ निकासी अब आपकी उंगलियों पर
EPFO 3.0 की सबसे बड़ी खासियत UPI इंटीग्रेशन है। 1 जून 2026 से, सब्सक्राइबर्स भीम (BHIM) या अन्य यूपीआई एप्स के माध्यम से आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) शुरू कर पाएंगे। इसके अलावा, EPFO सदस्यों को पीएफ-लिंक्ड एटीएम कार्ड जारी करेगा। इस कार्ड के जरिए किसी भी बैंक के एटीएम से अपनी कुल जमा राशि का 50% तक तुरंत निकाला जा सकेगा। यह सुविधा विशेष रूप से उन क्षेत्रों के श्रमिकों के लिए वरदान साबित होगी जहां इंटरनेट की सुविधा कम है।
12 महीने की सेवा के बाद 100% निकासी का प्रावधान
पुराने नियमों में बदलाव करते हुए, अब केवल 12 महीने (1 साल) की सेवा के बाद पात्र सदस्य अपने पीएफ खाते से 100% पैसा निकाल सकेंगे। पहले, पूरी जमा राशि निकालने के लिए या तो सेवानिवृत्ति (Retirement) तक इंतजार करना पड़ता था या 2 महीने की बेरोजगारी की शर्त थी। नए नियमों के तहत, “विशेष परिस्थितियों” में एक साल की नौकरी के बाद भी पूरी राशि (नियोक्ता और कर्मचारी दोनों का हिस्सा) निकाली जा सकती है।
2026 के नए नियम: एक नज़र में
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ब्याज दर: वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 8.25% ब्याज दर की पुष्टि की गई है। यह पैसा जुलाई 2026 तक खातों में क्रेडिट होने की उम्मीद है।
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वेतन सीमा (Wage Ceiling): सरकार वेतन सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। इससे मध्यम वर्ग की पेंशन और बचत में भारी बढ़ोतरी होगी।
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25% रिटेंशन नियम: पीएफ को पूरी तरह खाली होने से बचाने के लिए ‘25% रिटेंशन पॉलिसी’ लागू की गई है। आंशिक निकासी के समय 25% राशि खाते में ही रहेगी ताकि भविष्य के लिए बचत सुरक्षित रहे।
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फॉर्म 121: टीडीएस (TDS) से बचने के लिए अब अलग-अलग फॉर्म (15G/15H) भरने की जरूरत नहीं होगी। इनकी जगह अब एक साझा ‘फॉर्म 121’ ने ले ली है।
पेंशन में बढ़ोतरी की उम्मीद
EPFO के इस नए अवतार में ‘हायर पेंशन’ (Higher Pension) पर भी ध्यान दिया गया है। वेतन सीमा में प्रस्तावित वृद्धि के बाद, नियोक्ता का पेंशन अंशदान (EPS) ₹1,250 से बढ़कर लगभग ₹2,083 हो जाएगा। इसका सीधा लाभ उन करोड़ों कर्मचारियों को मिलेगा जिनकी सैलरी ₹15,000 से अधिक है, क्योंकि अब उनका बड़ा हिस्सा पेंशन फंड में जमा हो सकेगा।
भविष्य की सुरक्षा और वर्तमान की जरूरत का संतुलन
EPFO 3.0 न केवल तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देता है, बल्कि यह बदलते कार्य परिवेश (Gig Economy) की जरूरतों को भी समझता है। जहां एक ओर यूपीआई और एटीएम से तत्काल नकदी की सुविधा दी गई है, वहीं दूसरी ओर 25% रिटेंशन नियम और 8.25% की आकर्षक ब्याज दर यह सुनिश्चित करती है कि कर्मचारी का भविष्य सुरक्षित रहे। भारत के 6.5 करोड़ से अधिक पीएफ अंशधारकों के लिए यह सुधार किसी बड़े आर्थिक वरदान से कम नहीं है।
