विकास कार्यों में समन्वय और पारदर्शिता पर जोर, आजीविका योजनाओं को गति देने के निर्देश

क्लस्टर खेती और मनरेगा कन्वर्जेंस से विकास कार्यों को गति देने के निर्देश

पौड़ी। मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत ने विकास भवन सभागार में आयोजित मासिक स्टाफ बैठक में आजीविका उन्मुख योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, विभागीय समन्वय, पारदर्शी लाभार्थी चयन एवं मनरेगा कन्वर्जेंस के माध्यम से विकास कार्यों को गति देने पर विशेष बल दिया। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि कृषि, उद्यान, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए जनहित की योजनाओं को धरातल पर तेजी से लागू किया जाए, ताकि ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ कर आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल सके।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आजीविका से जुड़े विभागों कृषि, उद्यान, पशुपालन एवं मत्स्य के साथ समन्वय स्थापित करते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि समूह आधारित गतिविधियों के माध्यम से क्लस्टर खेती को बढ़ावा दिया जाए। इसके लिए एक सप्ताह के भीतर विकासखंड स्तर पर संबंधित विभागीय एवं क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर आवश्यक धरातल पर कार्यो को गति प्रदान करना सुनिश्चित करें।

उन्होंने विशेष रूप से ड्रैगन फ्रूट, मशरूम आदि नवाचार आधारित कृषि उत्पादों के उत्पादन हेतु स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित करने को कहा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि प्रत्येक माह कम से कम दो बार इस प्रकार की समन्वय बैठक आयोजित की जाए तथा बैठक के तीन दिवस के भीतर कार्यवाही विवरण विकास भवन कार्यालय को उपलब्ध कराए जाएं।

बैठक के दौरान आजीविका से जुड़े विभागों द्वारा अपनी-अपनी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गयी, जिससे आपसी समन्वय को और अधिक मजबूत बनाने में सहायता मिलेगी। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सर्वाेपरि होनी चाहिए और लाभार्थियों का चयन निष्पक्ष एवं सत्यापन के आधार पर किया जाए, ताकि वास्तविक जरूरतमंद एवं मेहनती काश्तकार किसी भी योजना से वंचित न रहें।

उन्होंने खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभागों से प्राप्त प्रस्तावों का गहन परीक्षण करने के उपरांत ही अग्रसारित किया जाए, जिससे पात्र व्यक्तियों तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा सके। इसके इसके अलावा उन्होंने मनरेगा कन्वर्जेंस के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यों को शीघ्र प्रस्तुत करने तथा वार्षिक लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु मासिक प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा बैठक में मनरेगा, एनआरएलएम, यूएसआरएलएम, मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम योजना एवं प्रोजेक्ट उन्नति जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की समीक्षा भी की गयी।

इस अवसर पर परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी, एलडीएम किशन रावत, परियोजना प्रबंधक ग्रामोत्थान कुलदीप बिष्ट, मत्स्य अधिकारी अभिषेक मिश्रा सहित सभी खंड विकास अधिकारी उपस्थित रहे।

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